इतिहास को कितने भागों में बांटा गया है | Itihaas ko kitane bhaagon mein baanta gaya hai

हेलो छात्रों आप यही सोच रहे होंगे कि इतिहास को कितने भागों में बांटा गया है (Itihaas ko kitane bhaagon mein baanta gaya hai) तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में मैं आपको बहुत ही अच्छे तरीके से बताऊंगा कि इतिहास की शुरुआती दिनों में कैसे लोग रहा करते थे

और उसी के अनुसार इतिहास को कितने भागों में बांटा गया है इसकी संपूर्ण जानकारी देंगे तो दोस्तों यदि आप भी जानना चाहते हैं कि हमारे भारतीय इतिहास को कितने भागों में बांटा गया है तो आप लोग इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक पढ़ सकते हैं

Q1. इतिहास को कितने भागों में बांटा गया है

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Details Answer

Itihaas ko kitane bhaagon mein baanta gaya hai

दोस्तों इतिहास के पिता हेरोडोटस को कहा जाता है जिन की पुस्तक का नाम हिस्टोरी का है

इतिहास को मुख्यतः तीन भागों में बांटा गया है

  1. प्रागैतिहासिक काल
  2. आद्य ऐतिहासिक काल
  3. ऐतिहासिक काल

प्रागैतिहासिक काल

यह इतिहास का वह काल है जिसके बारे में कुछ भी लिखा नहीं गया है

इस काल में मनुष्य आखेटक जीवन की तरह अपने जीवन को व्यतीत करते थे

प्रागैतिहासिक काल को पाषाण काल भी कहा जाता है क्योंकि इस युग में लोग पत्थरों का ही सर्वाधिक उपयोग करते थे

प्रागैतिहासिक काल को मुख्यता 3 भागों में बांटा गया है

1 . पुरापाषाण काल

इस काल की प्रमुख विशेषता यह है कि इसी काल में आग की खोज हुई थी

इस काल को आदिमानव का काल आखेटक खानाबदोश के नाम से भी जाना जाता है

2 . मध्य पाषाण काल

इस पाषाण काल मैं पत्थरों के छोटे-छोटे औजार थे जिस कारण से इस काल को माइक्रोलिथ भी कहा जाता है

माइक्रोलिथ का अर्थ यह है कि छोटे छोटे पत्थरों के हथियार

इसी काल में अंत्येष्टि कार्यक्रम अर्थात अंतिम संस्कार किया जाता था

3 . नवपाषाण काल

या पाषाण काल 7000 BC के लगभग थी

इसी पाषाण काल के समय खेती करना प्रारंभ हुआ था यह खेती सर्वप्रथम पाकिस्तान के सुलेमान तथा कीर्तन पहाड़ी के मध्य किया गया था

और या पहाड़ी पाकिस्तान के मेहरगढ़ में पढ़ती है सर्वप्रथम यहां पर जो और गेहूं की खेती की गई थी

इसी नवपाषाण काल के समय लोगों ने खेती के साथ-साथ कुत्ते को पालने लगे थे और एक स्थाई आवास भी रहने के लिए बना लिए थे

इसी नवपाषाण काल के समय सामान को ले जाने वाले आने के लिए पहिए की खोज हुई तथा मनका की खोज भी नवपाषाण काल की प्रमुख विशेषता है

4 . ताम्र पाषाण

दोस्तों इस पाषाण काल में तांबे की खोज हुई थी अर्थात यह कह सकते हैं कि तांबे की खोज ताम्र पाषाण काल में हुई

जो कि ताम्र पाषाण काल प्रागैतिहासिक काल के अंतर्गत आता है

लेकिन दोस्तों मैं आपके बता दो कि प्रागैतिहासिक काल मुख्यता तीन ही प्रकार के होते हैं जो कि ताम्र पाषाण काल को कभी-कभी इसमें नहीं गिनती की जाती है

आद्य ऐतिहासिक काल

इतिहास का वह काल जिसमें लिखित साक्ष्य तो मिलते हैं लेकिन आज तक उन्हें पढ़ा नहीं गया है जैसे कि सिंधु घाटी सभ्यता में ऐसे लिखे गए हैं

कि आज तक उन्हें नहीं पढ़ा गया है तो उस काल को आद्य ऐतिहासिक काल कहा जाता है

ऐतिहासिक काल

इतिहास का वह कालखंड जिसमें पढ़ने के लिए लिखित साक्ष्य उपलब्ध है और उस काल के बारे में हमें अच्छी तरीके से जानकारी प्राप्त है

तो ऐसे समय काल को ऐतिहासिक काल की श्रेणी में रखा गया है जैसे कि वैदिक काल से शुरू होकर के आज तक जितने भी इतिहास में बीती हुई घटनाएं हैं

उन्हें अच्छी तरीके से पढ़ा जा सकता है तो ऐसी समय को ऐतिहासिक काल में रख दिया गया है

भारतीय इतिहास को कितने काल खंडों में बांटा गया है

इतिहास के स्रोत के अनुसार आज के समय में इतिहास को मुख्यतः तीन भागों में बांट दिया गया है क्योंकि ए तीनों की अलग-अलग विशेषताएं होने के कारण से इन्हें तीन भागों में बांट दिया गया है इतिहास को तीन भागों में बांटने का मुख्य श्रेय क्रॉनिकल और एनालिस्ट जी हैं

itihas ko kitne bhagon mein

इतिहास को मुख्यतः तीन भागों में बांटा गया है जो कि दोस्तों मैंने आपको विस्तार रूप से अभी ऊपर बताया है जिसे आप लोगों ने पढ़ करके बहुत ही अच्छी जानकारी लिए होंगे जोकि ए तीनों इस प्रकार हैं- प्रागैतिहासिक काल,
आद्य ऐतिहासिक काल, ऐतिहासिक काल

दो शब्द अपने बारे में,

दोस्तों आपको मैं बता दूं कि इस वेबसाइट में आपको इतिहास भूगोल विज्ञान तथा कंपटीशन एग्जाम में पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों को मैंने एक साथ संग्रहित करके दिया है

जिसे आप लोग अच्छे से जाकर के पढ़ सकते हैं दोस्तों मैंने हर एक टॉपिक को प्रश्न के माध्यम से आपको डिटेल में जवाब दिया है

तो आप लोग ऊपर नेक्स्ट वाले ऑप्शन पर क्लिक करके अगले प्रश्न पर जाकर के अच्छे से पढ़ सकते हैं

तो दोस्तों आज आपने इतिहास को कितने भागों में बांटा गया है इसके बारे में मैंने आपको अच्छे से जानकारी दी है जिसे आप लोग पढ़ कर के आनंद महसूस कर रहे होंगे

तो दोस्तों आप लोग हमेशा हमारे इस पोस्ट को पढ़ते रहिए गा वेबसाइट का नाम है स्टडी नंबर वन डॉट कॉम तो इसे आप लोग अच्छे से याद रखेगा

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FAQ Short Answer


इतिहास कितने प्रकार के होते हैं

इतिहास के मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं जो कि मैंने ऊपर आपको बहुत ही अच्छी तरीके से इतिहास के तीनों प्रकार को बताया है जिसे आप लोग पुनः जा करके पढ़ सकते हैं

भारत को कितने भागों में बांटा गया है

भारत को मुख्यता चार भागों में बांटा गया है हिमालय पर्वतीय भाग,,सिंधु और गंगा का मैदानी भाग, रेगिस्तानी भाग, दक्षिणी प्रायद्वीप भाग
इस तरह से भारत की धरती को चार भागों में विभाजित कर दिया गया है

प्राचीन इतिहास कब से कब तक है

प्राचीन इतिहास का समय काल 7000 ईसा पूर्व से लेकर 33 वी ईसवी तक माना जाता है

इतिहास क्या है परिभाषा

यदि मैं साधारण शब्दों में इतिहास की परिभाषा को बताऊं तो जो समय बीत गया है और उनके बीते हुए घटनाओं को क्रमबद्ध से लिखा गया है या उनके प्रमाण मिलते हैं तो इन सभी बीते समय को इतिहास कहा जाता है

भारतीय इतिहास को कितने काल खंडों में बांटा गया है?

भारतीय इतिहास को जेम्स मिले के अनुसार इन्हें तीन भागों में बांटा गया है हिंदू मुस्लिम ईसाई

प्रागैतिहासिक काल को कितने भागों में बांटा गया है?

प्रागैतिहासिक काल को मुख्यतः तीन भागों में बांटा गया है पुरापाषाण काल ,मध्य पाषाण काल ,नवपाषाण काल

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